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"यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:" पूर्ण सुरक्षित आवासीय महिला विश्वविद्यालय
Jayoti Vidyapeeth Women’s UniversitY (JVWU)
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ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय के एजुकेशन एंड मेथेडोलॉजी विभाग में तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस "RATMED-II -2019" का आयोजन I

जयपुर अप्रैल १२,२०१९ ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय के हरदेवगोविंद खुराना चेयर के तत्वधान में “पेरेंट्स चिल्ड्रन प्रोग्रेस स्कूल सोसाइटी और इंटरनेशनल सोसाइटी फ़ॉर लाइफ साइंसेज" की सहभागिता में फैकल्टी ऑफ़ एजुकेशन एंड मेथोडोलोजी द्वारा तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस एवं अकादमिक अवार्ड सेरेमनी "रीसेंट एडवांसेज इन टीचिंग मेथोडोलोजी एंड एजुकेशन डेवलपमेंट (आर।ए।टी।एम।इ।डी-II २०१९ का आयोजन किया गया। इस नेशनल कांफ्रेंस का शुभारम्भ विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन माननीया जेवीएन विदुषी गर्ग जी ने द्वीप प्रज्वलन कर किया एवं छात्राओं द्वारा वन्देमातरम और गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया। कांफ्रेंस मे प्रमुख वक्ता एवं समीक्षक के रूप में हरदेवगोविंद खुराना चेयर प्रोफेसर अश्विनी कुमार, प्रोफेसर डॉ।पूर्व हेड एंड डीन रीता अरोड़ा डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन यूनिवर्सिटी ऑफ़ राजस्थान,प्रोफेसर रंजना अरोड़ा हेड ऑफ़ करिकुलम डेवलपमेंट एंड रिसर्च इन स्कूल एंड टीचर एजुकेशन एंड टीचर प्रोफेशनल डेव्लपमेंट( एन।सी।ई।आर।टी ),डॉ।रमेश प्रसाद पाठक प्रोफेसर ऑफ़ डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन श्री लाल बहादुर शास्त्री,राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्तर की इस तीन-दिवसीय आयोजन ने ज्योति विद्यापीठ महिला विश्विद्यालय के विश्वस्तरीय ऐकडेमिक लीडरशिप को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर दिया। बुधवार से शुक्रवार तक चली इस कांफ्रेंस का उद्देश्य "शिक्षण पद्धति में हालिया प्रगति और शिक्षा विकास" के बारे मैं जागरूक करना था।

राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन के पहले सत्र में विश्वविद्यालय परिसर के अलग-अलग चार स्थानों मे 'प्रीक्वॉलिफिइंग सेशन' का आयोजन हुआ जिसमे प्रोफेसर डॉ।पूर्व हेड एंड डीन रीता अरोड़ा डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन राजस्थान यूनिवर्सिटी ,प्रोफेसर रंजना अरोड़ा हेड ऑफ़ करिकुलम डेवलपमेंट एंड रिसर्च इन स्कूल एंड टीचर एजुकेशन एंड टीचर प्रोफेशनल डेव्लपमेंट( एन।सी।ई।आर।टी ),प्रोफेसर डॉ।रमेश प्रसाद पाठक डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ विश्वविद्यालय ने छात्राओं के शोध पत्रों की समीक्षा करते हुए अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के प्री-क्वालीफाइंग सेशन में पहले दिन तकरीबन 84 प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किये। पहले दिन के चयनित प्रतिभागियों को कांफ्रेंस के दूसरे और तीसरे दिन प्रस्तुतिकरण का मौका दिया जायेगा।

संगोष्ठी के दूसरे दिन के पहले सत्र में "प्रतिभाशाली शिक्षकों और समावेश"" सेशन का आयोजन हुआ। जिसमे मुख्य अथिति तथा समीक्षक के रूप में चेयर प्रोफेसर डॉ अश्वनी कुमार , प्रोफेसर अर्चना कपूर (प्रो एवं हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट ऑफ पेडगोगिकल साइंसेज, दयाल बाग़ एडूकेशनल इंस्टीटूट, आगरा ), प्रोफेसर डॉ राजीव गुप्ता ( पूर्व प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ सोशियोलॉजी एवं पूर्व हेड एंड कोर्डिनेटर, राजस्थान विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे। दूसरे सत्र में मानविकी और विज्ञान शिक्षा में सतत रुझान और अनुसंधान आयोजित हुआ। 
संगोष्ठी के समापन के दिन के तीसरे सत्र में वक्ताओं के भाषण के बाद दूसरे दिन के "प्री क्वालीफाइंग सेशन" के चयनित प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये और "न्यू आईडिया जनरेशन कम्पीटीशन" के अंतर्गत फैकल्टी ऑफ़ एजुकेशन एंड मेथोडोलोजी के कुल नो मेधावी छात्राओं ने विभिन्न नवीन विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए ।
अंत में सभी आमंत्रित अथितियो को विश्वविद्यालय की माननीया चेयरपर्सन जेवीएन विदुषी गर्ग जी के द्वारा प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन समारोह की इस नेशनल कांफ्रेंस के अंतर्गत ओरल प्रेजेंटेशन में प्रथम स्थान सुगंधा व मिनाक्षी, दूसरे स्थान सुरभि,विनीता,प्रियंका और तीसरे स्थान चारुल,आस्था व अपर्णा ग्रहण किया । पोस्टर प्रेजेंटेशन के अंतर्गत प्रथम स्थान निधि कुमारी, दूसरे स्थान प्रियंका व नेहा, तीसरे स्थान निसारगी व श्रुति ने ग्रहण किया। इनोवेशन आईडिया जनरेशन प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रथम स्थान काजल दवे, दूसरा स्थान आकृति पांडेय और तीसरे स्थान मेघा श्याम ग्रहण किया । इसके अलावा विभिन्न फैकल्टी ऑफ एजुकेशन एंड मेथोडोलॉजी के शिक्षक-शिक्षिकाओं को "अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड्स" और प्रमाण पत्रों से सम्मानित भी किया गया।

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