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त्रि-दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस “Veda’s Recognition as Source of Reference in AYUSH, Modern Medicine Pharmacopoeia & Diagnostic Methods-II” (VRAMD-II 2019) तथा "अकादमिक अवार्ड सेरेमनी" का आयोजन

ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय में फैकल्टी ऑफ़ आयर्वेदिक साइंस (नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस), फैकल्टी ऑफ़ होम्योपैथिक साइंस, फैकल्टी ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंस एवं फैकल्टी ऑफ़ फिजियोथेरपी एंड डायग्नोसिस की सहभागिता में त्रि-दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस “Veda’s Recognition as Source of Reference in AYUSH, Modern Medicine Pharmacopoeia & Diagnostic Methods-II” (VRAMD-II 2019) तथा "अकादमिक अवार्ड सेरेमनी" का आयोजन किया गया।

इस संगोष्ठी का उद्देश्य प्राचीन वेदो की परिकल्पनाओं के आधार पर विभिन्न चिकित्सा पद्धितयों का उद्गम एवं मॉडर्न एवं प्राचीन पद्धितयों के सामंजस्य से नयी चिकित्सा पद्धितयों की उत्तपत्तियो को उजागर करना तथा प्राचीन वेदो से प्राप्त ज्ञान का उल्लेख करना है। संगोष्ठी का शुभारम्भ विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन माननीया जेवीएन विदुषी गर्ग जी द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया तथा छात्राओं द्वारा गणेश वंदना तथा वन्देमातरम के साथ किया गया। विश्वविद्यालय में आये मुख्य अतिथियों का स्वागत फॉउंडर एंड एडवाइजर माननीय जे.वी.एन डॉ. पँकज गर्ग जी ने बड़े ही गर्मजोश से किया ।
वेदों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के फाउंडर एंड एडवाइजर डॉ. पंकज गर्ग जी ने उपस्थित प्रतिभागियों व वक्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि शोध पत्रों में शोधकर्ताओं द्वारा अपने शोध में हमारी प्राचीन वेदो में उल्लेखित ज्ञान के प्रमाणों का नवीन चिकित्सा पद्धितयों में समावेश करना महत्वपूर्ण हैं तथा साथ ही आयुर्वेद, वेदों के गुणों के बारे में विस्तृत जानकारी देते करते हुए बताया कि वेदों में लिखे ज्ञान के अनुसार इलाज के तरीके अलग हो सकते हैं पर मकसद एक ही होता है मरीज का इलाज करना, चीज़ो की उत्पति कैसे होगी इसकी समस्त जानकारी वेदों में उपलब्ध है।

संगोष्ठी में आये सभी मुख्य अतिथियों ने भी पीपीटी के माध्यम से अपने अपने विचार प्रस्तुत किये।

विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन माननीया जे.वी.एन विदुषी गर्ग जी का सम्मान विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. रूही दहिया गुलदस्ते देकर किया। 
विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन स्वागत माननीया जे.वी.एन विदुषी गर्ग जी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत फूलों के गुलदस्ते ,तामपत्र देकर तथा शॉल उढ़ाकर किया। कांफ्रेंस मे प्रमुख वक्ता एवं समीक्षक के रूप में प्रो. डॉ मीता कोटेचा (HOD,द्रव्यगुणा डिपार्टमेंट,एनआईए,जयपुर), प्रो डॉ राधेश्याम शर्मा (एक्स वी.सी, DCRRAU, जोधपुर) डॉ. पंकज शर्मा (एक्स सीसीएच मेंबर राजस्थान, अकादमिक कौंसिल ,DCRRAU), प्रो डॉ सुनीता शर्मा(मेंबर, अकादमिक कौंसिल, RUHS, जयपुर ), डॉ अरुण चौगुले (प्रो वीसी, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंस, जयपुर ), प्रो. अजय शर्मा (एक्स डायरेक्टर एनआईए एंड प्रोफेसर कायचिकित्षा JVWU, जयपुर), डॉ राजेश कुमार गुप्ता ( एसोसिएट प्रोफेसर DSRRAU,जोधपुर), डॉ. ए.के. गुप्ता (असिस्टेंट डायरेक्टर सीसीआरएच, लखनऊ ), डॉ. कमलेश शर्मा (प्रोफेसर एंड एचओडी, स्वास्थ्यरित्ता एंड योगा, एनआईए, जयपुर ) नवल चित्तौरा (EXEC. ऑफ़िसर -क्वालिटी कण्ट्रोल,टोरेंट फार्मा लिमिटेड, इंदौर) उपस्थित रहे। 
इस कार्यक्रम के पहले सत्र में विश्वविद्यालय परिसर में क्वॉलिफिइंग सेशन' का आयोजन हुआ छात्राओं ने शोध पत्र प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में प्रेसिडेंट,रजिस्ट्रार, फैकल्टी ऑफ़ आयुर्वेदिक साइंस,फैकल्टी ऑफ़ होमियोपैथी साइंस, फैकल्टी ऑफ़ फार्मास्टिकल साइंस , फैकल्टी ऑफ़ फिजियोथेरेपी एंड डायग्नोस्टिक्स , डिपार्टमेन्ट की छात्रााएं एवं अध्यापक गण भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में चयनित प्रतिभागियों को कांफ्रेंस में प्रस्तुतिकरण का मौका दिया गया । साथ ही चयनित छात्राओं व अध्यापको को सर्टिफिकेट व अवार्ड देकर समान्नित किया गया ।

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